Tuesday, 14 February 2012

हर रविवार को बिलाड़ा आईमाता मंदिर में लगने लगा माताजी का मेला



   हर रविवार को बिलाड़ा आईमाता मंदिर में लगने लगा माताजी का मेला
देवासी समाज की महिलाएं आती है दूर-दूर से
बिलाड़ा,वर्ष में चार बड़ी बीज पर आईमाता के भरने वाले मेले की ही तरह अब महिने में चारों रविवार को माताजी का मेला भरने लगा है तथा इस मेले में सर्वाधिक देवासी समाज की महिलाएं आ रही है, जो यहां आईमाता के निज मंदिर में चूरमा का भोग लगा परिक्रमा कर दीपक जलाती है तथा फिर अपनी पांच फेरी का उद्यापन यहीं मंदिर प्रांगण में उपवास खोलती है।
यह मेला पिछले छ: माह से भरने लगा है लेकिन इन दिनों मेले में एकाएक श्रद्धालु महिलाओं की भीड उमड़ने लगी है तथा देवासी समाज के अलावा सम्पूर्ण मारवाड़ की अन्य जातियों की महिलाए भी अब पानी से भरे कलश लेकर गीत गाती हुई यहां पहुंच रही है। मंदिर ट्रस्ट ने भी मेले के स्वरूप को बढते देख श्रद्घालुओं की सुविधाओं के लिए मीठे पानी के केम्पर तथा भोजन की व्यवस्था की है।
यू लगने लगा मेला।
आईपंथ के अनुसार आईपंथ की चार बीज पर यहां माताजी के सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते है तथा मेला भरता है, लेकिन गोडवाड़ क्षेत्र की यहां आ रही महिलाओं के अनुसार एक वृद्घा देवासी महिला को माताजी ने प्रगट होकर कहा कि सीरवी समाज ने अब अपना खान-पान बदल लिया है तथा मेरी उपेक्षा करने लगे है, अत: देवासी समाज की महिलाएं प्रत्येक रविवार को मेरे मंदिर आए और भोग लगाऐगी उसे में स्वीकार करूंगी तथा पांच फेरी देकर पांचवां उपवास यहीं बड़ेर प्रांगण में खोले तो उस परिवार पर मेरी कृपा बरसेगी, इसी बात का प्रचार अब मारवाड़ एवं दूर दराज तक के देवासी समाज एवं अन्य जातियों में होने लगा है तथा हर रविवार को सैकड़ों की संख्या में महिलाएं जातरू यहां आने लगी है। 

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